छत्तीसगढ़

निगम ने 15 बड़े बकायादारों के व्यवसायिक परिसरों पर लगाया ताला

Shantanu Roy
22 Jan 2026 9:53 PM IST
निगम ने 15 बड़े बकायादारों के व्यवसायिक परिसरों पर लगाया ताला
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छग
Raipur. रायपुर। रायपुर नगर निगम जोन 8 के राजस्व विभाग ने आज एक सख्त अभियान के तहत 15 बड़े बकायादारों के व्यवसायिक परिसरों को तत्काल सीलबंद कर दिया। यह कार्रवाई उन बकायादारों के खिलाफ की गई जो विगत कई वर्षों से बकाया राशि जमा नहीं कर रहे थे। नगर निगम ने पहले डिमांड बिल, डिमांड नोटिस और अंतिम नोटिस जारी किए थे, लेकिन बकाया राशि अदा नहीं होने पर आज इस कड़ी कार्रवाई को अमल में लाया गया।
नगर निगम जोन 8 के आयुक्त विश्वदीप, अपर आयुक्त राजस्व कृष्णा खटीक, उपायुक्त राजस्व जागृति साहू, और जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल के मार्गदर्शन में यह अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। टीम का नेतृत्व कार्यपालन अभियंता अतुल चोपड़ा और सहायक राजस्व अधिकारी महादेव रक्सेल ने किया। कार्रवाई में राजस्व निरीक्षक राजेश मिश्रा और सहायक राजस्व निरीक्षक खगेंद्र सोनी, राम कुमार अवसर, चंदन रगड़े की उपस्थिति भी रही।
जोन 8 के अंतर्गत पण्डित जवाहर लाल नेहरू वार्ड क्रमांक 2 में सबसे बड़े बकायादार रामानंद अग्रवाल पर 4,95,936 रुपये, सीमा सिंग पर 66,007 रुपये और शिव कुमार अग्रवाल पर 1,33,361 रुपये का बकाया था। इन बकायादारों के व्यवसायिक परिसरों को तत्काल सीलबंदी की गई। वहीं, प्रकाश चंद्राकर और घनश्याम चंद्राकर ने पूरी राशि तीन दिनों में अदा करने का आश्वासन दिया, जिसके कारण उनके परिसरों की सीलबंदी अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई।
वीर सावरकर नगर वार्ड क्रमांक 1 में भी बड़ी संख्या में बकायेदार थे। इसमें प्रमुख बकायेदारों में प्रितम सिंग, जीत सिंग, अशोक कुमार, विजय कुमार, विनोद कुमार नवानी, हरवंश सिंग, महेन्द्र सिंग, सुरजीत कौर, राहुल धारीवाल, आदिल खान, प्रमोद अग्रवाल, ओमप्रकाश तिवारी, सुरेन्दर सिंग, गुरविंदर सिंग, राजेश चंद्राकर, लीलावती देवी सिंग, अमरीका भारद्वाज और सुकदेव सिंग शामिल हैं। इनके व्यवसायिक परिसरों को भी तत्काल सीलबंदी की गई। इस अभियान के दौरान एक बड़ा बकायादार शकुंतला देवी अग्रवाल ने तुरंत अपना सम्पूर्ण बकाया 1,03,694 रुपये जमा कर दिया। इसके बाद उनके परिसर की सीलबंदी रद्द कर दी गई।
जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल ने बताया कि यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि लगातार नोटिस देने के बावजूद बकायादारों ने बकाया राशि नगर निगम को अदा नहीं की। सीलबंदी का उद्देश्य स्पष्ट है – नगर निगम की आय में सुधार और बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित करना। नगर निगम ने जनता से अपील की है कि समय पर अपने बकाया भुगतान करें और सरकारी संपत्ति एवं नियमों का पालन करें। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि बकाया राशि जमा नहीं की जाती है, तो भविष्य में और भी कठोर कदम उठाए जाएंगे। इस अभियान से यह संदेश भी गया कि नगर निगम सख्त रवैया अपनाकर बकाया वसूली में कोई समझौता नहीं करेगा, और प्रशासनिक नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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